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SATURN

The day Saturday and it’s ruler being the strong headed, rigid and disciplinary Saturn. Let’s find out more facts about this cold and dry Saturn. Saturn in Sanskrit is called Shani. Shani also means to move slowly and [...]

ஜாதகம் 2021 Tamil Horoscope 2021

Tamil Horoscope 2021 | ஜாதகம் 2021 | Tamil Jathagam

ஜாதகம் 2021 – Tamil Horoscope 2021 – Tamil Jathagam சந்திரன் அடையாளத்தின் அடிப்படையில். ஜாதகம் 2021 – வரவிருக்கும் 2021 ஆம் ஆண்டிற்கான ஜோதிட கணிப்புகளைப் பற்றி பேசுவதற்கு முன் கிரகங்களின் இயக்கத்தை அறிந்து கொள்வோம். இரண்டு மெதுவான வேக கிரகங்களின் சேர்க்கை அதாவது. சனியும் வியாழனும் மகரத்தில் இருக்கும். இங்கே, சனி கிரகம் அதன் [...]

17 अक्टूबर से आरंभ होगी नवरात्रि

नवरात्रि का पर्व 17 अक्टूबर 2020 से आरंभ होगा। इस वर्ष अधिक मास लग जाने के कारण ऐसा हो रहा है। इस बार नवरात्रि पर विशेष संयोग बन रहे हैं। नवरात्रि का पर्व इस बार अधिकमास के [...]

Durva Ashtami Mahalakshmi Vrat Begins Radha Ashtami 26th Aug

हिन्दी पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को बाल गोपाल कृष्ण का जन्म हुआ था और भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी [...]

रक्षा बंधन 3 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की कृपा भक्त पर सुख, धन और समृद्धि को बढ़ाती है। इस दिन संसतपाका योग , 7 योगो का मिलन और त्रियोग, 3 योगो का मिलन [...]

नव लक्ष्मी योग

नव लक्ष्मी योग एकादशेश केंद्र में हो पर एकादश भाव को देखता हो, लग्नेश एकादश भाव में हो तथा नवमेश नवम भाव में स्थित हो तो नव लक्ष्मी योग होता है। जिस जातक की जन्म पत्रिका में नवलक्ष्मी योग [...]

धन लाभ प्राप्ति दिशा योग

धन लाभ प्राप्ति दिशा योग एकादश भाव का स्वामी जिस दिशा का स्वामी हो उसी दिशा से धन लाभ होता है। यदी एकादशेश सूर्य हो तो पूर्व, शुक्र हो तो दक्षिण पूर्व, मंगल हो तो दक्षिण, बुध हो [...]

पुत्रतः धनाप्ति योग

पुत्रतः धनाप्ति योग दूसरे भाव का स्वामी पंचम भाव का स्वामी जन्म पत्रिका के कारक ग्रह से युत अथवा दृष्टि हो या धनेश बलवान हो तो पुत्रतः धनाप्ति योग होता है जिस जन्म पत्रिका में पुत्रतः धनप्ति योग होता [...]

रोग योग

रोग योग चंद्रमा छठे भाव में पाप ग्रह से देखा जाता हो तो जातक को वात रोग होता है। मंगल सातवें भाव में हो तो रक्तपित्त से वह जातक पीड़ित रहता है। बुध सप्तम में हो तो वात एवं कफ [...]

अरिष्ट योग

अरिष्ट योग यदि लग्न को मंगल देखता हो तो तथा षष्ठेश दशम भाव में या सप्तम भाव में हो तो जातक को जादू टोने से रोग होता है। मंगल लग्नेश से युक्त लग्न में हो, षष्ठेश केंद्र या लग्न [...]

कुष्ठ योग

कुष्ठ योग लग्नेश को छोड़कर अन्य सभी ग्रह लग्न में हो तथा उन पर शुभ ग्रहों की दृष्टि न हो तो जातक कोढ़ी होता है। कुष्ठ रोग योग सम्पन्न जातक जीवन में कोदी होता है तथा घोर व्यथा भोगता [...]