प्रेम विवाह के योग – विवाह का भी एक रूप होता है प्रेम विवाह | Find out the Yogas for Love Marriage

Post Date: July 10, 2021

प्रेम विवाह के योग – विवाह का भी एक रूप होता है प्रेम विवाह | Find out the Yogas for Love Marriage

पहले के समय में प्रेम विवाह कुछ स्थितियों में देखने को मिलता था या कुछ प्रतिशत देखने को मिलता था किंतु समय के बदलते हुए 80% लड़के लड़कियां अपनी इच्छा से शादी करना पसंद करते हैं।।किंतु आगे चलकर समस्या आना चालू हो जाती है।छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई झगड़े चालू हो जाते हैं।और 1 दिन मामला तलाक तक पहुंच जाता है।इसलिए पत्रिका दिखाने के बाद ही प्रेम विवाह करना चाहिए। कुछ प्रेम विवाह के योग निम्न प्रकार है।

1-कुंडली में यदि पंचमेश सप्तम में तथा सप्तमेश पंचम में हो तो प्रेम विवाह हो जाता है।
2-कुंडली में यदि पंचमेश सप्तमेश की युति पंचम में या सप्तम में हो तो भी प्रेम विवाह हो जाता है।
3- कुंडली में यदि पंचमेश सप्तमेश के नक्षत्र में तथा सप्तमेश पंचमेश के नक्षत्र में हो तो भी प्रेम विवाह करवा देते हैं।,
4-यदि कुंडली में लग्नेश सप्तमेश की युति लग्न में या सप्तम में हो तो भी प्रेम विवाह हो जाता है।
और भी कुंडली में बहुत सी स्थितियां होती है प्रेम विवाह की।,लेकिन इन स्थितियों में पंचम भाव, पंचमेश तथा सप्तम भाव सप्तमेश पाप पीड़ित नहीं होना चाहिए या किसी प्रकार से पापक ग्रहों का प्रभाव उन पर नहीं होना चाहिए और भी बहुत से योग होते हैं प्रेम विवाह के कुंडली में। यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में प्रेम विवाह के योग है या नहीं तो हमारे अनुभवी ज्योतिषियों से संपर्क करें।
उदाहरण।-     यह एक जातिका की पत्रिका है जो कन्या लग्न की है ।जिसका सप्तमेश गुरु बनता है जो लग्न में बैठा हुआ है।तथा पंचमेश शनि बनता है जो पंचम में बैठा हुआ है।लग्न में गुरु बैठकर पंचम तथा पंचमेश को पंचम दृष्टि से देख रहे हैं।जिससे सप्तमेश का दृष्टि संबंध पंचमेश से पंचम में बन रहा है।तथा पंचमेश शनि तीसरी दृष्टि से सप्तम को देख रहा है।पंचम पंचमेश तथा सप्तम सप्तमेश का संबंध आपस में बन रहा है।इसलिए इस जातिका का प्रेम विवाह हुआ।इस जातिका का बर्थ डिटेल निम्न प्रकार है।
Example-This is the magazine of the caste that belongs to the Virgo Ascendant. In which the seventh lord becomes the guru who is sitting in the ascendant and the fifth lord becomes Shani who is sitting in the fifth house. Jupiter sitting in the ascendant is looking at the fifth and fifth lord with the fifth vision.
Due to which the relation of the seventh house is being made in the fifth with the fifth lord and the fifth lord Shani is looking at the seventh from the third point of view.
The relation between the fifth lord and the seventh lord is being formed. Hence the love marriage of caste took place. The birth details of this caste are as follows.
जन्म दिनांक।- 28 Oct 1992 ,
जन्म समय।- 4:30Am,
जन्म स्थान!- Karauli, Rajasthan
Astrologer
Yogesh Tiwari
Consult here: https://www.sriastrovastu.com/prediction/?id=190603
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