Weekly Horoscope Weekly Rashifal 11 April To 17 | Saptahik Rashifal April 2021

Post Date: April 10, 2021

Weekly Horoscope Weekly Rashifal 11 April To 17 | Saptahik Rashifal April 2021

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गोचर का स्वरूप और उसका आधार

आकाश में स्थित ग्रह अपने मार्ग पर अपनी गतिनुसार भ्रमण करते हैं। इस भ्रमण के दौरान वे एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। जन्म समय में ये ग्रह जिस राशि में पाए जाते हैं वह राशि उनकी जन्मकालीन अवस्था कहलाती है। जन्म पत्रिका इसी आधार पर बनाई जाती है।

 

गोचर विचार

गोचर के फल कहने के लिए चंद्र लग्न को प्रधान मान कर यह देखना चाहिये कि चंद्र लग्न से वर्तमान में ग्रह कहां-कहां गोचर कर रहे हैं। जन्म पत्रिका में चंद्रमा जिस राशि में स्थित है उस राशि को लग्न में रखकर जो पत्रिका बनती है वह चंद्र जन्म पत्रिका होती है।

Aries – मेष राशि

चंद्र लग्न से द्वितीय भाव में गोचर का चंद्रमा मानसिक असंतोष देता है। कुटुंबजनों से जातक का वैचारिक मतभेद होता है। जातक को सुख प्राप्त नहीं होता। जातक को कार्य में असफलता मिलती है पाप कर्मो में जातक की प्रवृत्ति बढ़ती है एवं विद्या में जातक को हानि उठानी पड़ती है।

 

 

 

Taurus – वृषभ

चंद्र से तृतीय भाव में चंद्रमा के आने से धन की प्राप्ति होती है। वस्त्रादि का सुख मिलता है। स्वास्थ्य ठीक रहता है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। मन प्रसन्न रहता है। एवं बंधुनजों से जातक को लाभ रहता है। जातक के भाग्य में वृद्धि होती है।

 

Gemini – मिथुन

चंद्रमा से चतुर्थ स्थान में चन्द्रमा के आने से जातक का स्वजनों से झगड़ा होता है। जातक के चित्त में चंचलता रहती है। जातक को भोजन और नींद में बाधाएं उत्पन्न होती है और जल तथा स्त्री जाति से भय होता है। जातक को स्त्री-सुख में कमी आ जाती है।

 

 

Cancer कर्क राशि

चंद्र से पंचम गोचर में चंद्रमा के आ जाने पर जातक को यात्रा में कष्ट और दुर्घटना की संभावना रहती है। जातक का कार्य सफल नहीं होता एवं मन अशांत रहता है।

 

 

Leo सिंह राशि

चंद्र से छठे स्थान में गोचरवंश के आ जाने पर धन लाभ होता है तथा जातक का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। यश और आन्नद की प्राप्ति होती है। महिलाओं से वार्तालाप का अवसर मिलता है। अपने घर में सुखपूर्वक रहने का अवसर प्राप्त होती है। शत्रुओं की पराजय होती है और रोगों का नाश होता है। व्यय में अधिकता रहती है।

 

 

 

Virgo कन्या राशि

चंद्र सातवें स्थान में गोचरवंश आने पर धन लाभ होता है। छोटी परंतु लाभदायक यात्राएं होती है। वाणिज्य एवं व्यावसाय में जातक लाभ करता है। उत्तम भोजन तथा शयन-सुख जातक को मिलता है।

 

 

Libra तुला राशि

चंद्र से अष्टम भाव में चंद्रमा के आने पर जातक के अपच, श्वास, खांसी आदि रोग उत्पन्न होते हैं। झगड़ा, विवाद और मानसिक क्लेश से जातक परेशान रहता है। जातक के धन का नाश होता है।

 

 

Scorpio वृश्चिक-

चन्द्र से नवम भाव में चन्द्रमा के जाने पर राज्य की और से परेशानी होती है और व्यवसाय में हानि उठानी पड़ती है। पुत्रों से मतभेद रहता है। जातक का भाग्य उसका साथ नहीं देता। शत्रु परेशान करते हैं। राज्य की ओर से परेशानी उठानी पड़ती है।

 

 

 

Sagittarius- धनु राशि

चंद्र से दशम स्थान में जाने पर सिद्धि प्राप्त होती है। सभी कार्य सरलता से पूर्ण हो जाते हैं। व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। राज्य की ओर से जातक को धन और सम्मान की प्राप्ति होती है। नौकरी में जातक की पदोन्नति होती है। उच्चाधिकारी जातक से पसन्न रहते हैं। उत्तम गृह-सुख जातक को मिलता है।

 

 

 

Capricorn मकर राशि-

चंद्र से ग्यारहवें स्थान में चन्द्रमा के जाने पर जातक की आय में वृद्धि होती है। व्यापार से पर्याप्त लाभ प्राप्त होता है। पुत्रादि से मिला होता है। मन महत्वाकांक्षा की ओर अग्रसर होता है। स्त्री वर्ग से जातक को लाभ रहता है। और तरल पदार्थो से जातक की आय में वृद्धि होती है।

 

 

Aquarius कुंभ राशि-

चंद्र से द्वादश स्थान में चंद्रमा के जाने से शारीरिक कष्ट होता है विशेषतया आंखों में धन और मान की हानि होती है। जातक को सहयोग प्राप्त नहीं होता। मानसिक चिंताए बढ़ जाती है। व्यय अधिक होता  हैं।

 

 

Pisces-  मीन राशि

चंद्र लग्न में ही गोचर में जब चंद्रमा आता है तब व्यक्ति सुख और आन्नद प्राप्त करता है। रोग-मुक्त रहता है। उत्तम भोजन, वस्त्र और शय्या-सुख प्राप्त होता है। उपहार आदि की प्राप्ति होती है।

 

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