शुक्र का कुंभ राशि में गोचर,जानें क्या होगा इसका आप पर असर (9 जनवरी, 2020)

Post Date: January 9, 2020

शुक्र का कुंभ राशि में गोचर,जानें क्या होगा इसका आप पर असर (9 जनवरी, 2020)

शुक्र ग्रह का गोचर एक प्रमुख घटना है और सभी ग्रहों की भांति शुक्र भी एक महत्वपूर्ण ग्रह है। यह जीवन में सभी प्रकार के सुखों का द्योतक है और यही वजह है कि, शुक्र का गोचर व्यक्ति के जीवन में अनेक शुभ घटनाओं की दस्तक लाता है। वास्तव में शुक्र एक ऐसा ग्रह है जो नैसर्गिक रूप से शुभ माना जाता है और आमतौर पर शुभ प्रभाव ही देता है जब तक की कुंडली में इसकी स्थिति अत्यधिक प्रतिकूल ना हो। शुक्र ग्रह को दैत्य गुरु शुक्राचार्य के रूप में भी जाना जाता है और ज्योतिष ग्रंथों में शुक्र ग्रह को काफी अधिक मान्यता दी गई है। यदि आपको जीवन में सुख चाहिए तो आपको शुक्र की कृपा अवश्य ही प्राप्त करनी होगी अन्यथा आप परेशान रह सकते हैं।

शुक्र का कुंभ में गोचर

वैदिक ज्योतिष के अनुसार नैसर्गिक रूप से शुभ ग्रह कहा जाने वाला शुक्र भौतिक सुखों का प्रदाता ग्रह है। यही शुक्र दांपत्य जीवन में ख़ुशियाँ भर देता है और यही आपके जीवन में सभी प्रकार के सुख साधनों की वृद्धि भी करता है। शुक्र को स्त्री तत्व प्रधान ग्रह कहा जाता है और यही वजह है कि शुक्र से प्रभावित जातक देखने में आकर्षक होते हैं और लोग उनकी तरफ खिंचे चले आते हैं। यह स्त्रियोचित गुण भी प्रदान करता है और अभिनय कला आदि के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता प्रदान करवाता है। यदि शिक्षा के क्षेत्र में शुक्र का संबंध बन रहा हो तो व्यक्ति बुद्धिमान और ज्ञानी बनता है और उसकी गणना अच्छे लोगों में होती है।

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ज्योतिष के क्षेत्र में वृषभ और तुला राशि का स्वामी शुक्र माना जाता है, वहीं तुला इसकी मूल त्रिकोण राशि भी होती है। कन्या राशि में शुक्र नीच अवस्था में तथा मीन राशि में उच्च अवस्था में होता है।

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हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्र ग्रह को ज्येष्ठ मास का स्वामी भी माना गया है। शुक्र की प्रिय वस्तुओं में हीरा, ओपल, चाँदी, चमकदार सफेद वस्त्र, घोड़ा आदि आते हैं। कुंडली में शुक्र की स्थिति व्यक्ति को सभी प्रकार की ख़ुशियाँ प्रदान करती है और प्रतिकूल होने पर यही शुक्र व्यक्ति को सुखों में कमी और अनेक प्रकार के यौन रोग देता है।

शनि और बुध शुक्र के मित्र हैं तथा सूर्य और चंद्र शत्रु। शुक्र के प्रभाव को बढ़ाने के लिए हीरा अथवा ओपल रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त शुक्र यंत्र धारण करने अथवा स्थापित करने से भी शुक्र ग्रह का अनुकूल प्रभाव प्राप्त होता है। गाय की सेवा करने से शुक्र प्रसन्न होता है तथा स्त्रियों का सम्मान करने से भी शुक्र ग्रह से संबंधित अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं।

शुक्र के प्रभाव
वैदिक ज्योतिष के अनुसार नव ग्रहों में शुक्र ग्रह अपनी अलग पहचान रखता है और इसे भोर का तारा भी कहा जाता है। यह नैसर्गिक रूप से प्रेम और सौंदर्य का प्रदाता ग्रह है। भरणी, पूर्वाफाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुक्र के अधिपत्य में आते हैं। कुंडली में शुक्र की शुभ स्थिति से जातक जीवन के अनेक क्षेत्रों में उन्नति प्रदान करता है। शुक्र से प्रभावित लोग अपने आकर्षण से सबको मोह लेते हैं। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र अनुकूल स्थिति में ना हो उन्हें शुक्र ग्रह से संबंधित उपाय करने की सलाह दी जाती है।

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गोचर काल का समय
सभी लोगों को ख़ुशियां देने वाला यही शुक्र ग्रह 9 जनवरी, बृहस्पतिवार की सुबह 04:14 बजे मकर राशि से निकलकर अपने मित्र शनि के स्वामित्व वाली कुम्भ राशि में प्रवेश करेगा। वैदिक ज्योतिष की मानें तो किसी भी राशि में शुक्र के गोचर की अवधि काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे जीवन में ख़ुशियों की लहर दौड़ जाती है और शुभ कार्य संपन्न होते हैं। कुम्भ राशि में गोचर की इस अवधि में शुक्र के राशि परिवर्तन का प्रभाव कुम्भ के अतिरिक्त अन्य राशियों पर भी देखने को मिलेगा। तो आईये जानते हैं कि शुक्र के कुम्भ राशि में गोचर का सभी राशि के जातकों पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है:

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मेष राशि
आपके लिए शुक्र देव द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी हैं और इस गोचर की अवधि में आपके एकादश भाव में प्रवेश करेंगे। एकादश भाव हमारी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति का भाव है और हमारे लिए लाभ स्थान है, इसलिए शुक्र देव के गोचर के प्रभाव से आपकी आमदनी में वृद्धि होगी और इस दौरान आप अपने बिज़नेस को विस्तार दे पाएंगे। यदि आप पहले से ही कोई बिज़नेस कर रहे हैं तो उसमें नई डील कर पाएंगे और आपको आर्थिक तौर पर लाभ मिलेगा। समाज के अच्छे और मजबूत लोगों से संपर्क बनेंगे मनोरंजन के साधनों में समय लगाएंगे। इस दौरान आपकी लव लाइफ भी अच्छे तरीके से आगे बढ़ेगी आपके प्रियतम और आपके बीच प्रेम की बढ़ोतरी होगी और आपका रिश्ता सँवरेगा लव लाइफ में आप अंतरंग पलों का आनंद उठाएंगे। आप अपने प्रियतम को कोई अच्छा सा तोहफ़ा भी उपहार में दे सकते हैं, जिससे उनका मन खुश हो जाएगा। इस दौरान आपको विशेष रूप से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा क्योंकि अत्यधिक भोग विलास की प्रवृत्ति आपको शारीरिक परेशानियां दे सकती है। कुटुंब के लोग आपके काम में आपका हाथ बटाएंगे और यदि आप विवाहित हैं तो आपका जीवनसाथी भी आपके लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा, अर्थात उनकी सहायता से या उनके द्वारा आपको किसी प्रकार का आर्थिक लाभ होगा।

उपायः आप को विशेष लाभ प्राप्त करने के लिए शुक्रवार के दिन माता महालक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए ।

वृषभ राशि
शुक्र देव आपकी राशि के स्वामी हैं इसलिए शुक्र देव का गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। राशि स्वामी होने के अतिरिक्त आप के छठे भाव के स्वामी शुक्र देव इस गोचर की अवधि में कुंभ राशि में आपके दशम स्थान पर गोचर करेंगे। गोचर की इस अवधि में आपको अपने कार्यक्षेत्र पर विशेष ध्यान देना होगा व्यर्थ की गाॅसिपिंग करने में आपको समय नष्ट नहीं करना चाहिए अन्यथा आपके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आलस्य का त्याग करना बेहतर रहेगा और अपने काम पर फोकस करना ही आपको सफलता दिलाएगा। इसके अतिरिक्त महिला सहकर्मियों से भी अच्छा व्यवहार करना चाहिए इस दौरान पारिवारिक जीवन में खुशियां लौट कर वापस आएंगी और परिवार के लोग आपस में मिलजुल कर रहेंगे। शुक्र के गोचर की इस अवधि में आपको किसी भी प्रकार के ऋण अथवा लोन लेने से बचना चाहिए क्योंकि उसे चुकाने में परेशानी हो सकती है। विशेष रुप से बिज़नेस के लिए लोन लेने का उचित समय अभी नहीं है, थोड़ा प्रतीक्षा करें। इसके अतिरिक्त सभी कामों के बीच से थोड़ा समय आराम के लिए भी निकालें नहीं तो स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है। आपको इस दौरान अपने मान सम्मान की विशेष चिंता करनी चाहिए और कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिये जो आपको मुसीबत में डाल दे।

उपायः आपको शुक्र देव की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए उत्तम गुणवत्ता का ओपल रत्न शुक्रवार के दिन चांदी की अंगूठी में अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।

मिथुन राशि
मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह शुक्र का परम मित्र है। आपकी राशि के लिए शुक्र देव पंचम और द्वादश भाव के स्वामी हैं तथा गोचर की इस अवधि में आपके नवम भाव में प्रवेश करेंगे। नवम भाव से हमारी सुदूर यात्राएं, भाग्य अनुकूलता, धर्म पुनीत कार्य आदि तथा मान सम्मान का विचार भी किया जाता है। शुक्र के गोचर की इस अवधि में आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और जो भी कार्य लंबे समय से अटके हुए थे वह पूरे होने लगेंगे, जिससे ना केवल आपको आर्थिक तौर पर लाभ होगा बल्कि आपका व्यापार भी रफ्तार पकड़ेगा। कार्य क्षेत्र में इस दौरान बदलाव के संकेत नजर आएंगे आपके स्थानांतरण का योग भी बनेगा। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपको जबरदस्त सफलता मिल सकती है और मनचाहे कोर्स में दाखिला भी मिल सकता है। प्रेम संबंधों के लिए यह समय अनुकूलता लिये है, आप अपने प्रियतम को साथ लेकर कहीं सुदूर यात्रा पर घूमने जा सकते हैं और रोमांचक और खुशनुमा समय व्यतीत कर सकते हैं। इस समय आप जीवन में सुख का आनंद लेंगे और धर्म-कर्म में भी आपकी आस्था रहेगी जिससे समाज में आपकी छवि भी मजबूत होगी। परिवार और प्रिय जनों को साथ लेकर किसी पिकनिक पर भी जा सकते हैं।

उपायः शुक्र देव की कृपा प्राप्ति के लिए श्री दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ करें।

कर्क राशि
आपकी राशि के लिए शुक्र देव चतुर्थ भाव और एकादश भाव के स्वामी होकर गोचर की इस अवधि में आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। अष्टम भाव को अदृश्य अथवा रंध्र भाव कहा जाता है और अचानक से होने वाली घटनाओं और जीवन के बड़े बदलावों को अष्टम भाव से संबंधित माना जाता है। शुक्र के गोचर की अवधि आपको गुप्त लालसों को पूरा करने में सफल बनाएगी आप गुप्त रूप से सुख भोगने की प्रवृत्ति रखेंगे जिससे धन को खर्च ने की प्रवृत्ति भी बढ़ेगी। इस दौरान कुछ बेवजह की यात्राएं भी होंगी जो आपका जिससे आपका धन खर्च होगा, इसलिए ऐसा करने से बचें। आमदनी में उतार और चढ़ाव दोनों प्रकार की स्थितियां बनेंगी माताजी से संबंधों पर असर पड़ सकता है इसलिए आपको इस ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। अपने स्वास्थ्य के प्रति संजीदा रहना आप के लिए आवश्यक होगा और अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें ससुराल पक्ष में कोई फंक्शन आदि हो सकता है जिसमें आपको शामिल होने का मौका मिलेगा, और उनके परिवार में खुशियां आएंगी जिसका प्रभाव आपके जीवन में भी पड़ेगा और खुशियों का आगमन होगा।

उपायः शुक्रवार के दिन किसी महिला पुजारी को श्रृंगार की सामग्री भेंट करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

सिंह राशि
आपकी राशि के लिए शुक्र देव तृतीय और दशम भाव के स्वामी हैं और कुंभ राशि में अपने इस गोचर के दौरान वे आपके सप्तम भाव में विराजमान होंगे। सप्तम भाव से दीर्घकालीन साझेदारी के बारे में पता लगता है और यह आपके व्यवहार और जीवनसाथी का भाव भी माना जाता है। शुक्र के इस गोचर के प्रभाव से आपके दांपत्य जीवन में प्रेम की बरसात होगी और आप अपने दांपत्य जीवन के सुखों का आनंद उठाएंगे इस दौरान आप अपने निजी प्रयासों से अपने व्यापार को भी लाभ पहुंचाएंगे और कार्यक्षेत्र में आप को प्रगति मिलेगी। प्रगति पथ पर आप आगे बढ़ेंगे और आपकी पदोन्नति होने की भी संभावना रहेगी, हालांकि इस दौरान आपको अत्यधिक धन के पीछे भागने से बचना होगा नहीं तो उसका प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। यदि आपका जीवनसाथी कार्यरत है तो इस दौरान उन्हें पद प्राप्ति हो सकती है। इस प्रकार शुक्र देव का गोचर आपके लिए थोड़ी अनुकूलता अवश्य लेकर आएगा लेकिन दूसरी ओर किसी बात को लेकर जीवनसाथी से आपकी कहासुनी भी संभव है। इस दौरान आप विवाहेतर संबंध की ओर भी अग्रसर हो सकते हैं जिससे आपको बचने का प्रयास करना चाहिए। निजी प्रयासों से सफलता मिलेगी लेकिन आसानी से प्राप्त नहीं होंगी।

उपायः आप को शुक्रवार के दिन गौमाता को आटे की लोई अपने हाथ से खिलानी चाहिए।

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके द्वितीय भाव और नवम भाव के स्वामी हैं और कुंभ राशि में अपने इस गोचर की अवधि में वे आपके छठे भाव में प्रवेश करेंगे। छठा भाव जीवन में संघर्ष को दिखाता है और इसके अतिरिक्त आपके रोग, शत्रु और कर्ज के बारे में भी जानकारी देता है। शुक्र के छठे भाव में जाने से यह समय आपके लिए थोड़ा कमजोर रहेगा धन की हानि होने की संभावना रहेगी और खर्चों की बढ़ोतरी होगी। इस दौरान आपको सफलता प्राप्ति के लिए अत्यंत परिश्रम करना पड़ेगा महिलाओं से किसी भी प्रकार का झगड़ा मोल लेना आप के पक्ष में नहीं रहेगा। विरोधी इस दौरान थोड़े मजबूत रहेंगे इसलिए आपको उनके प्रति भी सतर्कता बरतनी होगी। इस दौरान आपको किसी सुदूर यात्रा पर जाने से बचना चाहिए क्योंकि यात्रा के दौरान आपको परेशानियां हो सकती हैं और आपको शारीरिक कष्ट भी घेर सकते हैं। इस दौरान आपके पिताजी को कोई लाभ अवश्य होगा हालांकि आपको कर्ज लेने से बचना चाहिए। आपकी खुद की मेहनत ही आपको सफलता प्रदान करेगी, इसलिए इस दौरान दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति से बचें। किसी भी वाद-विवाद में इस दौरान फँसने का प्रयास ना करें क्योंकि इससे आपको धन की हानि हो सकती है।

उपायः विशेष लाभ प्राप्ति के लिए आपको दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए और मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करने चाहिए।

तुला राशि
शुक्र देव आपकी राशि के ही स्वामी हैं इसलिए आपके लिए शुक्र का गोचर काफी महत्वपूर्ण रहेगा। राशि स्वामी होने के अतिरिक्त शुक्र आपके लिए अष्टम भाव के स्वामी भी हैं और इस गोचर की अवधि में आप के पंचम भाव में गोचर करेंगे। पंचम भाव से हमारी शिक्षा का स्तर हमारी बुद्धि हमारे प्रेम संबंध हमारी संतान का विचार किया जाता है। शुक्र के इस गोचर से कुछ भाग्यशाली लोगों को कुंडली में दशम भाव अनुकूल होने पर संतान प्राप्ति हो सकती है। इसके अतिरिक्त संतान का सुख मिलेगा शिक्षा के क्षेत्र में इस दौरान आप का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहेगा और विषयों पर आप की पकड़ मजबूत होगी। एकाग्रता की बढ़ोतरी होगी कुछ लोगों को इस दौरान सट्टेबाजी और शेयर बाजार तथा जुए आदि से लाभ भी मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर प्रेम संबंधों में शुभ समय रहेगा अपने प्रिय साथी के साथ अधिक से अधिक समय बिताना पसंद करेंगे और रोमांटिक मूड में रहेंगे आप इस अवधि को काफी अच्छे से इंजॉय करेंगे और मनोरंजन के साधनों में समय लगाएंगे आप कोई फिल्म देखने भी जा सकते हैं और किसी पार्टी आदि में भी शामिल हो सकते हैं। इस दौरान आपको विपरीत लिंगी जातकों की संगति अधिक रास आएगी और कवि लोग इस तरह अपनी अच्छी कविता की रचना कर सकते हैं। आपके सुख में बढ़ोतरी होगी और लोगों की वाहवाही भी अवश्य मिलेगी। आपके लिए यह समय काफी अनुकूल रहेगा।

उपायः शुक्र के प्रभावों को बढ़ाने के लिए शुक्रवार के दिन शुक्र यंत्र धारण करें।

वृश्चिक राशि
आपकी राशि के लिए शुक्र देव सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी हैं तथा गोचर की इस अवधि में आप के चतुर्थ भाव में स्थापित होंगे। चतुर्थ भाव हमारी सुख सुविधाओं को बढ़ाने वाला भाव है इसलिए शुक्र देव का गोचर इस भाव में आकर आपके जीवन में सुखों की वृद्धि करेगा केवल इतना ही नहीं आपकी माताजी का स्वास्थ्य भी अनुकूल होगा और घर में सुख सुविधाओं की वृद्धि होगी। इस दौरान आप कोई घरेलू वस्तु जैसे टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर या कोई भी घरेलू अप्लायंस खरीद सकते हैं। इस दौरान आपकी प्रवृत्ति सुख प्राप्ति की रहेगी पारिवारिक जीवन काफी बेहतर रहेगा और परिवार के लोगों में एक दूसरे के प्रति प्रेम की भावना बढ़ेगी जिससे पारिवारिक तालमेल बेहतर बनेगा। जो लोग विदेश में रहते हैं उन्हें इस दौरान घर आने का मौका मिल सकता है। केवल इतना ही नहीं आपका जीवन साथी भी पारिवारिक कार्यों में आपके साथ बराबर शरीक होगा और अपनी जिम्मेदारी निभाएगा जिससे आपको खुशी भी मिलेगी। कार्य क्षेत्र में भी इस दौरान स्थिति आपके पक्ष में मुड़ी नजर आएगी और कहा जाए तो इस दौरान आपके लिए यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा हालांकि गोचर की अवधि में आपके घरेलू खर्च काफी होंगे। जीवनसाथी को लेकर भी आपको कुछ खर्च करना पड़ेगा लेकिन यह खर्च आपके लिए खुशी लेकर आएगा। शुक्र देव की कृपा से आप इस दौरान कोई नया वाहन खरीद सकते हैं जिससे परिवार में खुशियों की अधिकता रहेगी।

उपायः विशेष लाभ के लिए शुक्रवार को लौंग वाला पान माता को अर्पित करें।

धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज छठे भाव के साथ-साथ ग्यारहवें भाव के स्वामी भी होते हैं और गोचर की इस अवधि में वे आप के तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे। तीसरे भाव से हमारी मेहनत हमारे भाई-बहन, छोटी दूरी की यात्राएं और सहकर्मी तथा अन्य चीजों का पता लगता है। गोचर की इस अवधि में आप किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं जो आपके लिए आनंद का माध्यम बनेगी। छोटे भाई-बहनों को आपके पक्ष में मुड़ते हुए देखा जाएगा और वो आपकी हर संभव सहायता भी करेंगे। आपको सोशल मीडिया या ऑनलाइन कम्युनिकेशन चैनल के माध्यम से कोई खुशखबरी मिल सकती है इस दौरान मित्रों रिश्तेदारों अथवा पड़ोसियों से मिलना जुलना भी संभव है। इस दौरान आपको अपने सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए क्योंकि उनकी मदद से आप कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। इस दौरान आप अपनी किसी हॉबी को विकसित करने का प्रयास करेंगे और किसी फाइन आर्ट के क्षेत्र में कुछ नया करने की पहल करेंगे। इस दौरान आपको अत्यधिक खर्च करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए और किसी भी प्रकार के वाद विवाद में नहीं पड़ना चाहिए। इस दौरान यात्रा करने से किसी नए व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना रहेगी जो आपके दिल के करीब आ सकता है। आप अपनी आमदनी का कुछ हिस्सा अपनी हॉबी और भाई बहनों पर खर्च करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्ति के लिए आपको अधिक पसीना बहाना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त आपको अपने बड़े भाई-बहनों से अपने संबंधों को सुधारने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

उपायः शुक्र के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए शुक्रवार के दिन चीनी दान में दें।

मकर राशि
आपकी राशि के लिए शुक्र देव पंचम भाव और दशम भाव के स्वामी हैं और इस प्रकार आपके लिए एक योगकारक ग्रह की भूमिका निभाते हैं। गोचर की इस अवधि में भी आपके द्वितीय स्थान में प्रवेश करेंगे जिससे धन योग का निर्माण होगा और आपको अच्छे धन की प्राप्ति होगी। इस दौरान द्वितीय भाव में आपकी वाणी विकसित होगी और आप अपनी वाणी में आकर्षण महसूस करेंगे जिससे लोग आपकी बातों के प्रभाव में आएंगे और आपके काम बनने लगेंगे। आपको उत्तम भोजन और व्यंजनों का स्वाद ग्रहण करने का अवसर मिलेगा इसके अतिरिक्त आपके परिवार में कोई फंक्शन या कोई शुभ कार्य संपन्न हो सकता है जिससे परिवार में खुशी आएगी। आप धन संचित कर पाने में भी इस दौरान सफल होंगे और कार्य क्षेत्र में स्थिति आपके पक्ष में रहगी जिससे आपको जीवन में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आपकी संतान से आपको सुख मिलेगा और आपकी लव लाइफ में भी बेहतर दिन आएँगे। शुक्र देव की कृपा से आप को रोमांस के अवसर मिलेंगे और आपका प्रिय साथी भी पारिवारिक कार्यों में आपको कोई अच्छी सलाह देगा जो आपको काफी पसंद आएगी। आप अपनी बुद्धि के प्रयोग से भी धन अर्जित कर पाएंगे और पिताजी से भी आपको इस दौरान आर्थिक तौर पर कुछ लाभ होने के योग बन रहे हैं। आपके प्रियतम को इस दौरान कोई अच्छा समाचार मिल सकता है जिससे उनकी खुशी तो बढ़ेगी ही आपको भी प्रसन्नता होगी।

उपायः शुक्र के प्रभाव को और भी अनुकूल बनाने के लिए गणेश जी की पूजा करें और उन्हें दूर्वांकुर (दूब घास) चढ़ाएँ।

कुंभ राशि
शनि देव के स्वामित्व वाली कुंभ राशि में ही शुक्र देव का गोचर हो रहा है अर्थात आपके प्रथम भाव में शुक्र देव का गोचर होगा, और शुक्र देव आपके लिए चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी होने के वजह से योगकारक ग्रह हैं और आपके लिए काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपकी राशि में शुक्र का गोचर आपके लिए अनेक बदलाव लेकर आएगा और यह सकारात्मक बदलाव होंगे। इस दौरान आप मानसिक रूप से काफी प्रसन्न रहेंगे और हर कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे आपका जोश देखते ही बनेगा आपके व्यक्तित्व में सुधार होगा और आप खुद को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। अपनी पर्सनलिटी पर ध्यान देंगे, आप लोगों को आकर्षित कर पाएंगे केवल इतना ही नहीं इस गोचर से आपके दांपत्य जीवन में भी ख़ुशियाँ आएँगी और जीवन साथी और आपके बीच नजदीकियां बढ़ेंगी। भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा और परिवार के लोग भी आपको सहयोग करेंगे इस दौरान धन प्राप्ति के साथ-साथ मान-सम्मान की प्राप्ति भी होगी और आप जीवन में आगे बढ़ेंगे। आपकी माता जी भी आपको कोई अच्छी सलाह देंगी जो आपके बहुत काम आएगी। इस दौरान जीवनसाथी को उनके कार्य क्षेत्र में कोई अच्छा लाभ मिलेगा या पदोन्नति भी हो सकती है।

उपायः शुक्र देव की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए आपको अरंड मूल धारण करनी चाहिए।

मीन राशि
आपकी राशि के लिए शुक्र देव तृतीय और अष्टम भाव के स्वामी होते हैं तथा गोचर की इस अवधि में आपके द्वादश स्थान में गोचर करेंगे। इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक वृद्धि होगी, कुछ खर्चे ऐसे होंगे जो व्यर्थ के कार्यों पर भी होंगे और कुछ आपके आपसी सुख-सुविधाओं की पूर्ति हेतु खर्च होंगे। ससुराल पक्ष के लोगों पर भी आपको कोई खर्च करना पड़ सकता है। वहीं भाई-बहन भी आपसे धन की मांग कर सकते हैं। इस प्रकार आर्थिक स्थिति पर थोड़ा असर पड़ेगा अचानक यात्राओं की संभावना बनेगी जो आपके लिए अनुकूल नहीं होंगे इस दौरान आपका स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है इसलिए विशेष रूप से अपने खान-पान पर ध्यान दें। किसी भी यात्रा पर जाने से पूर्व पूरी तैयारी कर लें ताकि कोई असुविधा आपको परेशान ना कर पाए। इस दौरान आपके भाई बहनों के विदेश जाने की संभावना प्रबल हो सकती है या फिर वह किसी अन्य राज्य में भी काम के सिलसिले में जा सकते हैं। आपका मन भोग विलास में लगेगा और इस दौरान आपको अपने विरोधियों से सतर्क रहना होगा क्योंकि वह मजबूत होने लगेंगे। महिलाओं से अच्छा व्यवहार करें क्योंकि यदि वे आपसे रुष्ट होंगी तो आपको परेशानी हो सकती है। गोचर की इस अवधि में आपको अपने ससुराल में किसी फंक्शन में शामिल होने का मौका मिल सकता है।

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