गुरूजी, आपने उल्लेख किया कि सृजनात्मकता केवल शांत और स्थिर मन से आती है। आजकल जिस ढंग से हम काम कर रहे हैं और आजकल जिस ढंग से हम रह रहे हैं, आप दिनचर्या के लिए क्या सलाह देते हैं, जो हमें मन को शांत रखने में सहायता करेगी?

Post Date: April 16, 2020

गुरूजी, आपने उल्लेख किया कि सृजनात्मकता केवल शांत और स्थिर मन से आती है। आजकल जिस ढंग से हम काम कर रहे हैं और आजकल जिस ढंग से हम रह रहे हैं, आप दिनचर्या के लिए क्या सलाह देते हैं, जो हमें मन को शांत रखने में सहायता करेगी?

यदि आप कुछ श्वसन-क्रिया, जैसे कि प्राणायाम या सुदर्शन क्रिया सीखते हैं तो इससे आपको अत्याधिक सहायता मिलेगी। सुदर्शन क्रिया बहुत लाभकारी है। आप इसे 10 मिनट के लिए करें और यह पूरे दिन आपके ऊर्जा के स्तर को ऊंचा रखेगी। दोपहर के बाद या शाम को कुछ समय के लिए आप बैठ सकते हैं और आराम कर सकते हैं, ध्यान करें। प्रारंभ में, आप आँडियो सी डी का प्रयोग करके कुछ निर्देशित ध्यान करें। प्रारंभ में, आप आँडियो सी डी का प्रयोग करके कुछ निर्देशित ध्यान कर सकते हैं, बाद में इसे आप बिना किसी निर्देश के स्वयं भी कर सकते हैं। इसके अलावा आपको कुछ समय संगीत सुनने में बिताना चाहिये, ताकि दायां मास्तिष्क और बांया मास्तिष्क संतुलित हो जाये यदि दायें मस्तिष्क की गतिविधि, जैसे कि संगीत आपकी दिनचर्या में नहीं है और यदि आप लगातार केवल बायें मस्तिष्क का ही प्रयोग कर रहे हैं, तब आप अधिक थके हुये, उत्तेजित, बेचैन हो जाते हैं। कभी-कभी आपको अपनी दिनचर्या से बाहर की गतिविधियों में शामिल होने के लिए समय निकालना चाहिये, उदाहरण के लिए, किसी बाग में जायें या कुछ बागवानी करें। यदि आप ऐसे कुछ साधारण कार्य करेंगें, आप पायेंगें कि यह आपको गहराई तक तनाव मुक्ति देता है।

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